भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खड़े किए नए सवाल
बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के मामले में अब एक नया और रहस्यमय मोड़ सामने आया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें भरत अपनी अंतिम इच्छाओं का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वह न केवल शरीर दान करने की बात कहते हैं, बल्कि अपने मोबाइल फोन को लेकर भी महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं, जिसने कई नई आशंकाओं को जन्म दिया है।
वीडियो में भरत तिवारी की अंतिम इच्छाएं और मोबाइल का रहस्य
वीडियो में भरत तिवारी कहते हैं कि उनकी मृत्यु के बाद उनका शरीर सबसे पहले भारतीय सेना को सौंपा जाना चाहिए। यदि यह संभव न हो सके, तो उनके शरीर का उपयोग गरीब और असहाय लोगों के हित में किया जाना चाहिए। सबसे अधिक चर्चा का विषय उनके मोबाइल फोन को लेकर है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल उनके माता-पिता के अलावा किसी और के हाथ में नहीं जाना चाहिए। उनका दावा था कि इस फोन में ऐसी जानकारियां और प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें मिटाया या झुठलाया नहीं जा सकता।
भरत का यह भी कहना था कि उन्होंने अपने मोबाइल का इस्तेमाल महत्वपूर्ण जानकारी और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए किया है। वीडियो में वह यह भी स्पष्ट करते हैं कि उनके जाने के बाद उनका मोबाइल उनके परिवार के अलावा किसी और के हाथ में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि उसमें उनके जीवन का इतिहास और महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं। साथ ही, वह तत्कालीन मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहते हैं कि वह किसी दबाव या धमकी से पीछे नहीं हटेंगे।
क्या मोबाइल में छुपे हैं कोई बड़े राज? जांच का इंतजार
अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उस मोबाइल में ऐसा क्या था, जिसे लेकर भरत तिवारी इतनी चिंता जता रहे थे। क्या उसमें कोई दस्तावेज या जानकारियां थीं, जिनकी जांच जरूरी है? या यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत आशंका थी? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच के परिणाम आने के बाद ही मिल सकेगा।
वायरल वीडियो में किए गए सभी दावों का अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल में मौजूद कथित साक्ष्यों की भी कोई पुष्टि नहीं हुई है। इस स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भरत तिवारी का मोबाइल इस पूरे विवाद की नई परत खोल सकता है या फिर यह रहस्य जांच पूरी होने तक ही रहस्य बना रहेगा।
इस बीच, भरत तिवारी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। परिजन मोबाइल की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने मामले की न्यायिक जांच का आश्वासन दिया है।











