बेतिया जिले में गंडक नदी का लगातार बढ़ता कटाव चिंता का विषय
बिहार के बेतिया जिले में गंडक नदी का कटाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय व्याप्त हो गया है। योगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत में नदी का जलस्तर और किनारे की जमीन का कटाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा का प्रभाव अब आबादी वाले इलाकों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नदी की तेज रफ्तार से हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बन गया है, और वे अपने घरों और जमीन को खोने की आशंका से परेशान हैं।
ग्रामीण अपने घरों को बचाने के लिए कर रहे हैं प्रयास
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीण अपने आशियाने को सुरक्षित रखने की उम्मीद छोड़कर उसमें रखे सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में लगे हैं। कई लोग अपने बड़े-बड़े मकानों को खुद ही तोड़ रहे हैं ताकि उनके सामान को नदी के खतरे से बचाया जा सके। घरों से ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी वस्तुएं निकालकर वे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर रहे हैं। यह कदम ग्रामीणों के लिए अत्यंत दर्दनाक है, क्योंकि वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से बने घर अब खतरे में हैं।
कटाव का खतरा बढ़ता ही जा रहा है, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी का कटाव लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा है, जिससे जमीन का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है और आसपास रहने वाले परिवारों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। पप्पू पांडेय, चुनु पांडेय और जयनारायण चौधरी जैसे ग्रामीणों ने बताया कि नदी का रुख तेजी से बस्ती की तरफ बढ़ रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कई घर और जमीन नदी में समा सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और कटाव रोकने के लिए ठोस उपाय करें। वे आशंका जता रहे हैं कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में नुकसान और भी अधिक हो सकता है। फिलहाल, ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं, ताकि उनके जीवन और संपत्ति का संरक्षण किया जा सके।











