बिहार के बेगूसराय में साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा
बिहार के बेगूसराय जिले में साइबर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए देशव्यापी वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, एक संदिग्ध बैंक खाते पर पूरे भारत से 205 शिकायतें प्राप्त होने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि पिछले आठ महीनों में इस खाते से लगभग 15 करोड़ 25 लाख 35 हजार 307 रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
साइबर क्राइम की जाँच और आरोपी की गिरफ्तारी
साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि इस खाते के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से गंभीर शिकायतें दर्ज थीं। आरोपी की पहचान फुलवरिया थाना क्षेत्र के बरौनी फुलवरिया वार्ड नंबर-2 निवासी सुनील कुमार के रूप में हुई है। पुलिस की टीम ने कई दिनों से उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और सटीक इनपुट के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में साइबर थाना बेगूसराय में कांड संख्या-34/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
खाते की जांच और खुलासे
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक संदिग्ध खाते पर देशभर से लगातार शिकायतें मिलीं। साइबर पुलिस ने खाते की गहन जांच और आठ माह के बैंक स्टेटमेंट की समीक्षा की, जिसमें करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। जांच में पता चला कि इस खाते में कुल 15 करोड़ 25 लाख 35 हजार 307 रुपये की धोखाधड़ी की रकम जमा और ट्रांसफर की गई थी। इस खाते के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 205 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी कर रकम भेजी गई थी। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने इस बैंक खाते को 3,75,000 रुपये में साइबर अपराधियों के सिंडिकेट को बेच दिया था। उसने साथ ही तीन अन्य मास्टरमाइंड के नाम भी बताए हैं, जिनके ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है। साइबर डीएसपी के अनुसार, म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अपनी पहचान छुपाने और अवैध धन को ठिकाने लगाने के लिए करते हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है।









