भोजशाला में श्रद्धालुओं का गोमूत्र से शुद्धिकरण और पूजा आरंभ
शनिवार रात भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की दिशा-निर्देशों के पालन के बाद रविवार की सुबह से ही भोजशाला में पूजा-पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। मंदिर के गर्भगृह को रंगोली और गोमूत्र से पवित्र कर श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, संत महामंडलेश्वर निसर्ग दास जी महाराज, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा भी पूजा में भाग लेने पहुंचे।
धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक भागीदारी से भव्य पूजा का आयोजन
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर और मांडू के संत महामंडलेश्वर निसर्ग दास जी महाराज ने भी भोजशाला में पूजा अर्चना की। वहीं, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा ने भी श्रद्धालुओं के साथ पूजा की। भोज उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने बताया कि सुबह से ही हिन्दू समुदाय और भोज उत्सव समिति के कार्यकर्ता मंदिर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, “सुबह से ही देवी अनुष्ठान शुरू हो चुका है और भोजशाला का शुद्धिकरण किया जा रहा है। लगभग 11:45 बजे पूरे हिन्दू समाज के लोग महाआरती करेंगे।” सावित्री ठाकुर ने कहा, “मैं जनता को बधाई देती हूं। पहले जब शुक्रवार (जुमा) को तनाव का माहौल रहता था, अब वह समाप्त हो चुका है। कोई भी व्यक्ति अब जब चाहे मंदिर आ सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंदिर के विकास के लिए कहा है कि इसे और बेहतर बनाया जाए ताकि देश-प्रदेश से लोग दर्शन करने आएं। एसपी शर्मा ने कहा, “हाई कोर्ट के फैसले और पूजा के विशेष रीति-रिवाजों के अनुसार कल एक बैठक हुई थी। आज की पूजा भी उसी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पिछले दिनों से ही तैनाती प्रभावी ढंग से की गई है।” शर्मा ने आगे कहा, “हम शांति, सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के लिए लगातार मौजूद हैं और नियमों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। जो कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हम हर मोहल्ले में जाकर लोगों से बातचीत कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी निर्देशों का पालन हो।”
सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन की सतर्कता
पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ ही, सभी को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस पूरे आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा गया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के पूजा-अर्चना कर सकें। धार्मिक आयोजन के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन की सतर्कता जारी है, और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्तव्य का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करें।











