बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर का चुनावी सफर
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी हलफनामे में खुलासा किया है कि उनके खिलाफ आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पार्टी ने उम्मीदवार के खिलाफ दर्ज मामलों और उन्हें उम्मीदवार बनाने के कारणों को सार्वजनिक किया है।
आपराधिक मामलों का विवरण और न्यायिक स्थिति
जन सुराज की ओर से जारी फॉर्म C-7 के अनुसार, ये मामले गांधी मैदान, सचिवालय, पीरबहोर और सहरसा सदर थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त पटना, बेतिया और मुजफ्फरपुर की अदालतों में तीन शिकायतें भी लंबित हैं। हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन मामलों में अभी तक किसी भी अदालत ने आरोप तय नहीं किए हैं। साथ ही, प्रशांत किशोर को किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।
उम्मीदवारी का कारण और राजनीतिक महत्व
पार्टी ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों का संबंध जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण आंदोलनों से है, न कि किसी नैतिक अपराध से। प्रशांत किशोर को उनके नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और बिहार पदयात्रा के दौरान मिली व्यापक जनसमर्थन को देखते हुए उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि बांकीपुर के मतदाता भी चाहते थे कि प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ें। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित होते हैं, उनके बारे में राजनीतिक दलों को सार्वजनिक रूप से जानकारी देना और उम्मीदवार बनाने का कारण बताना अनिवार्य है।









