मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह का विधानसभा शपथ का रास्ता साफ
बिहार के मोकामा क्षेत्र से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह मंगलवार को विधानसभा सदस्यता की शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें बेऊर जेल से विधानसभा लाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि वह विधायी प्रक्रिया में भाग ले सकें।
यह जानकारी इस बात का संकेत है कि अब उनके शपथ ग्रहण की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं है। उल्लेखनीय है कि बीते विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बावजूद, अनंत सिंह ने अभी तक अपने पद की शपथ नहीं ली थी। इस कारण से उनकी सदस्यता को लेकर लगातार चर्चा का विषय बना रहा।
जेल में बंद हैं अनंत सिंह, कोर्ट से मिली अनुमति से संभव होगा शपथ
वर्तमान में अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जेल में हैं। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद, मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें जेल से विधानसभा लाया जा सकता है। इससे पहले, उनके शपथ न लेने को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि, विधानसभा चुनाव के दौरान हुई इस हत्या के मामले में अनंत सिंह को न्यायिक हिरासत में रखा गया है। उन्होंने रिहाई के लिए कोर्ट में जमानत याचिका भी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
हत्या का मामला और चुनावी जीत के बीच जटिलता
यह मामला तब का है जब पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। यादव मोकामा के जाने-माने नेता थे और पूर्व में लालू प्रसाद यादव तथा नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं से जुड़े रहे हैं। इसी दौरान, अनंत सिंह के काफिले और विरोधी गुट के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। शुरुआत में केवल शब्दबाण चले, लेकिन बाद में मारपीट और फायरिंग की घटनाएं भी हुईं।
इस घटना में दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी और परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने उनकी गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मौत भारी वस्तु के नीचे दबने से हुई, हालांकि गोली का जिक्र भी किया गया है।
घटना के कुछ ही दिनों बाद, 2 नवंबर को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया। तब से वे बेऊर जेल में बंद हैं। इस मामले में अब तक 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच पटना पुलिस और सीआईडी कर रही है।
इस बीच, जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जिससे यह मामला और भी चर्चा में आ गया है। अब उनके शपथ लेने की प्रक्रिया पूरी होने से राजनीतिक माहौल में नई हलचल की संभावना है।









