दिल्ली विधानसभा में ‘फांसी घर’ विवाद पर नई कार्यवाही
दिल्ली विधानसभा ने ‘फांसी घर’ के उद्घाटन की प्रामाणिकता को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का ऐलान किया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, यह बैठक 13 नवंबर 2025 को होगी, जिसमें 9 अगस्त 2022 को विधानसभा परिसर में उद्घाटन किए गए इस स्थल की सत्यता पर चर्चा की जाएगी। इस विवादित मुद्दे को लेकर विशेषाधिकार समिति ने यह कदम उठाया है, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
समिति ने भेजा है विशेष नोटिस, केजरीवाल समेत कई नेताओं को बुलावा
विधानसभा सचिवालय ने इस बैठक के लिए संबंधित सदस्यों को नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि समिति की बैठक 13 नवंबर को आयोजित होगी। इस बैठक में ‘फांसी घर’ की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठाने वाले मामले पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस नोटिस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को भी सम्मिलित किया गया है। भाजपा ने इस मुद्दे पर सरकार को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल से माफी की मांग की है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने सवाल उठाया है कि क्या विधायक इस तरह के ऐतिहासिक मामलों पर चर्चा करने के योग्य हैं।
पिछले महीने भी जारी हुआ था नोटिस, राजनीतिक विवाद जारी
सितंबर में भी विशेषाधिकार समिति ने केजरीवाल, सिसोदिया और गोयल को नोटिस भेजा था, जिसमें उनसे इस मामले में जवाब मांगा गया था। इस समिति का नेतृत्व भाजपा विधायक प्रद्युम्न सिंह राजपूत कर रहे हैं, जिसमें AAP के दो विधायक सुरेंद्र कुमार और राम सिंह नेताजी भी सदस्य हैं। इस विवादित मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है, और यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है कि क्या इस तरह के ऐतिहासिक स्थल की सत्यता पर चर्चा करना विधायकों का अधिकार है।









