बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण: मतदान का उत्साह और मुकाबले की धार
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान का आयोजन गुरुवार को किया जाएगा, जिसमें लगभग 3.75 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण में कुल 1314 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे, जिनमें प्रमुख मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच देखने को मिलेगा।
मुख्य उम्मीदवारों का मुकाबला और सीटें
तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी बार जीत का लक्ष्य लेकर मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा के सतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2010 में तेजस्वी की मां राबड़ी देवी को हराया था। इस बार तेजस्वी के प्रतिद्वंद्वी के रूप में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर नहीं हैं, जिन्होंने पहले तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ने का संकेत दिया था। अब उनकी पार्टी ने चंचल सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
तेज प्रताप यादव का मुकाबला और अन्य प्रमुख सीटें
वहीं, तेजस्वी यादव के छोटे भाई तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के साथ महुआ सीट पर बहुकोणीय मुकाबले में हैं। इस सीट पर वर्तमान विधायक मुकेश रौशन को कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा, लोजपा (राम विलास) के उम्मीदवार संजय सिंह और निर्दलीय उम्मीदवार अशमा परवीन की मौजूदगी इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बना रही है।
चुनावी जंग में मंत्री और दिग्गज नेताओं की भागीदारी
इस चरण में बिहार सरकार के कई मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी अपनी किस्मत आजमाने मैदान में हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से चौथी बार जीतने का प्रयास कर रहे हैं, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के अमरेश कुमार और जन सुराज पार्टी के सूरज कुमार से है।
प्रमुख सीटों पर मुकाबला और चुनावी रणनीति
सम्राट चौधरी करीब एक दशक बाद तारापुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी आरजेडी के अरुण कुमार साह हैं, जिन्होंने पिछली बार महज पांच हजार वोटों के अंतर से हार का सामना किया था। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री मंगल पांडे पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, और सीवान सीट पर उनका मुकाबला आरजेडी के दिग्गज अवध बिहारी चौधरी से है।
मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे का चुनावी सफर और अन्य चर्चित मुकाबले
रघुनाथपुर सीट पर दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब मैदान में हैं, जिसे एनडीए ने “जंगलराज की वापसी” करार दिया है। भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने यहां तक कहा कि “ओसामा नाम सुनते ही लोगों को ओसामा बिन लादेन की याद आती है।” इस चरण में कई प्रसिद्ध चेहरे भी चुनावी मैदान में हैं, जैसे लोकगायक मैथिली ठाकुर, भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव और रितेश पांडे।
मतदान केंद्रों की संख्या और मतदाता गणना
पहले चरण में कुल 121 सीटों पर मतदान होगा, जिनमें सबसे अधिक मतदाता पटना की दीघा सीट पर हैं, जहां 4.58 लाख मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता वाली सीटें बरबीघा (शेखपुरा), कुरहनी और मुजफ्फरपुर हैं, जहां लगभग 2.32 लाख से 20 उम्मीदवार तक मैदान में हैं।
मतदाता संख्या और चुनाव का गणित
इस चरण में कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 36,733 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इसमें 10.72 लाख नए मतदाता और 7.38 लाख 18-19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता शामिल हैं। इन 121 सीटों की कुल जनसंख्या लगभग 6.60 करोड़ है, जबकि मतदाता सूची में 3.75 करोड़ नाम दर्ज हैं। पूरे राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.24 करोड़ है, जो पुनरीक्षण के बाद लगभग 60 लाख कम हुई है।











