बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा का विवादित रोड शो
बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में आयोजित एक प्रमुख रोड शो विवादों में फंस गया है। इस रोड शो का आयोजन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और JDU नेता ललन सिंह द्वारा किया गया था, जो चुनाव प्रचार का एक अहम हिस्सा था। हालांकि, इसके समाप्त होने के बाद ही इन दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इस रोड शो के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया और भीड़ नियंत्रण, अनुमति और सुरक्षा से जुड़ी कई आवश्यक शर्तों का पालन नहीं किया गया। यह घटना चुनावी माहौल में तनाव का कारण बन गई है।
आरोप और चुनाव आयोग की कार्रवाई
मोकामा में हुए इस रोड शो को लेकर आरोप लगे हैं कि यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन था। खासतौर पर जब यह प्रचार अनंत सिंह के समर्थन में किया गया, तो नियमों का उल्लंघन हुआ। इसके साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने, अनुमति लेने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में भी लापरवाही बरती गई। इन आरोपों के आधार पर चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी किया है। यह कदम चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
राजनीतिक तनाव और अन्य घटनाक्रम
बिहार में चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है। मोकामा के बाद अब बाढ़ विधानसभा सीट पर भी तनाव की खबरें सामने आई हैं। यहां आरजेडी उम्मीदवार लल्लू मुखिया पर जेडीयू समर्थक के साथ मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा है, जिसे पुलिस ने अभी तक गंभीरता से नहीं लिया है। वहीं, मुजफ्फरपुर में चिराग पासवान की सभा के दौरान भी हंगामा हुआ, जिसमें भीड़ ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी। इस घटना के कारण सभा को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।
राजनीतिक बयानबाजी और चुनाव प्रचार
बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की बयानबाजी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश की 90 प्रतिशत आबादी व्यवस्था से बाहर है। वहीं, तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव के खिलाफ प्रचार किया, जबकि तेज प्रताप ने खुद को कृष्ण से जोड़ते हुए कहा कि जो कृष्ण की बात नहीं मानेगा, वह गड्ढे में गिर जाएगा। इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने भी सीवान में चुनावी रैली में भाग लेकर भाजपा के समर्थन में वोट मांगे।











