MP में साइबर फ्रॉड के नए तरीके और गिरोह का आतंक
मध्य प्रदेश (MP) में साइबर अपराधियों का गिरोह अब आम नागरिकों के साथ-साथ जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भी निशाना बना रहा है। इन अपराधियों ने फर्जी कॉल के माध्यम से अधिकारियों को धोखा देने का नया तरीका अपनाया है। खासतौर पर सिंगरौली जिले में यह गिरोह सक्रिय है, जिसने कलेक्टर गौरव बैनल को मुख्य सचिव बनकर फोन करने और जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) से संबंधित कार्य कराने का झांसा दिया।
फर्जी कॉल और अधिकारियों को धोखा देने का खेल
25 अक्टूबर को सिंगरौली के कलेक्ट्रेट कार्यालय से मिली शिकायत के आधार पर पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति ने कलेक्टर के सरकारी फोन पर कॉल किया। इस व्यक्ति ने खुद को मुख्य सचिव (Chief Secretary) बताते हुए DMF से जुड़े कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। कलेक्टर गौरव बैनल को इस कॉल पर संदेह हुआ, तो उन्होंने सावधानी बरतते हुए आरोपी को जाल में फंसाने की योजना बनाई। आरोपी को बुलाकर पुलिस ने उसकी पहचान कर ली और पूछताछ में पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया।
गिरफ्तार आरोपी और जांच का क्रम
पुलिस ने इस मामले में भोपाल निवासी सचिन मिश्रा, उसके पिता वीपी मिश्रा और सिंगरौली के सचिंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों की पहचान हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना बैढ़न में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।











