छतरपुर में रेत माफियाओं का बढ़ता आतंक
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में रेत माफियाओं के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शनिवार को SDM अखिल राठौर ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़कर सिविल लाइन थाना परिसर में जब्त कर लिया।
हालांकि, कुछ ही देर बाद रेत माफिया थाने पहुंचे और बिना अनुमति के इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वहां से निकाल ले गए। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और राजनीतिक प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टैग करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया और पूछा कि क्या प्रदेश का गृह मंत्रालय इतना कमजोर हो गया है कि माफिया अब सीधे थानों में लूट-खसोट कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि कानून व्यवस्था का मजाक बनाने वालों को आखिर कौन बचा रहा है।
यह घटना प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि रेत माफिया की दबंगई और सरकारी तंत्र की कमजोरी स्पष्ट रूप से नजर आ रही है।
प्रशासन की दोबारा कार्रवाई और माफियाओं का दबदबा
मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने तुरंत ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार सुबह SDM अखिल राठौर ने फिर से अवैध रेत परिवहन कर रही तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़कर ओरछा रोड थाना में खड़ा करवा दिया।
यह कार्रवाई माफियाओं के नेटवर्क और उनके दबंगई भरे तरीकों को उजागर करती है, जो सरकारी तंत्र को चुनौती देने से नहीं चूक रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेत माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि वे केवल अवैध कारोबार ही नहीं कर रहे, बल्कि सरकारी संस्थाओं को खुली चुनौती भी दे रहे हैं।
हालांकि, प्रशासन की यह दूसरी कार्रवाई भी कानून व्यवस्था और पुलिस की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि माफिया अब सरकारी तंत्र को चुनौती देने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखा रहे हैं।










