मध्य प्रदेश में दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप का 발견
आगर मालवा जिले के बांसखेडी गांव में एक किसान के बाड़े में अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का सांप पाया गया है। यह सांप सामान्य से अलग दिखता है और इसकी पहचान रेड सैंड बोआ (Red Sand Boa) के रूप में हुई है। किसान ने जैसे ही इस अनोखे सांप को देखा, तुरंत ही वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इस खतरनाक नहीं होने वाले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस प्रजाति का सांप अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत रखता है, इसलिए इसकी तस्करी भी अक्सर होती है।
सांप का सुरक्षित रेस्क्यू और मेडिकल जांच
वन विभाग के चौकीदार भेरूसिंह ने सबसे पहले स्थिति का निरीक्षण किया। उसके बाद वन रक्षक गोविंद शर्मा और राकेश कुंभकार ने सावधानीपूर्वक इस दुर्लभ सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ने का निर्णय लिया। रेस्क्यू के बाद इस सांप को विभाग के कार्यालय लाया गया, जहां रेंजर लक्ष्मी नारायण चौधरी के निर्देशन में पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद महाजन ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। परीक्षण में यह सांप पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि यह जहरीला नहीं है।
आगे की कार्रवाई और वन्यजीव संरक्षण
रेस्क्यू के बाद इस सांप को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई दुर्लभ वन्यजीव या सांप दिखाई दे, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वन्यजीव या सांप को पकड़ने या छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें। विशेषज्ञ और प्रशिक्षित टीम ही इन जानवरों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सकती है। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो वन्यजीव संरक्षण के महत्व को दर्शाती हैं।











