भोपाल के पूर्वी बायपास पर सड़क धंसने का कारण स्पष्ट
भोपाल के पूर्वी बायपास पर हाल ही में 75 मीटर लंबी सड़क का धंसना एक बड़ा हादसा बन गया है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने इस घटना का कारण किसानों द्वारा मिट्टी खोदने को बताया है। इस घटना के पीछे तकनीकी खामियों और मिट्टी की गुणवत्ता की खराबी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
मिट्टी की गुणवत्ता और निर्माण में हुई लापरवाही
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के निरीक्षण में पाया गया कि इस सड़क के धंसने का मुख्य कारण निर्माण के दौरान इस्तेमाल की गई मिट्टी की खराब गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने बताया कि इम्बैंकमेंट का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया था, जिससे वर्षा के दौरान पानी रिसाव कर मिट्टी कमजोर हो गई। साथ ही, किसानों द्वारा दीवार के पास मिट्टी की खुदाई से जल निकासी में बाधा आई, जिससे पानी इम्बैंकमेंट के अंदर भर गया और सड़क का हिस्सा धंस गया।
तत्काल कार्रवाई और जांच रिपोर्ट
मप्र सड़क विकास निगम ने इस घटना की जांच के लिए तीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की एक समिति गठित की है, जो सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे दस दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। मिट्टी के सैंपल लेकर उन्हें केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद निर्माण में लापरवाही करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
घटना के बाद की स्थिति और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सोमवार को सूखी सेवनिया रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के पास भोपाल पूर्वी बायपास पर सड़क धंसने की यह घटना हुई। इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। तुरंत ही अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर यातायात को दूसरी लेन से डायवर्ट कर दिया।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए किसानों पर दोष मढ़ रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसानों ने मिट्टी खोदी थी, तो विभाग उस समय क्या कर रहा था? उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सड़कों का बुरा हाल है, और मंत्री का तर्क है कि जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे भी रहेंगे।
सड़क निर्माण का इतिहास और खर्च
साल 2013 में भोपाल का पूर्वी बायपास लगभग 56 किलोमीटर लंबा बनाया गया था, जिसे हैदराबाद की मेसर्स ट्रांसट्रॉय प्राइवेट लिमिटेड ने पूरा किया था। यह परियोजना बीओटी (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) मॉडल पर 18 नवंबर 2010 को शुरू हुई और 2013 में पूरी हुई। इस सड़क पर कुल 305 करोड़ रुपये खर्च हुए, और 12 वर्षों में इससे 650 करोड़ रुपये से अधिक का टोल वसूला जा चुका है।











