दिल्ली में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का मामला गरमाया
दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने के बाद उनके ठिकाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर रखा है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि अभिजीत को शांति भंग करने के आरोप में पूर्वानुमानित हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का दावा और अभिजीत की वर्तमान स्थिति
पुलिस का कहना है कि अभिजीत को हिरासत में लेने से पहले उन्हें दो नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें सेंट्रल पार्क जाने से मना किया गया था, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस का यह भी तर्क है कि अभिजीत ने पीस बॉन्ड और कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। पिछली बार भी उन्हें 50 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरवाया गया था और एक साल तक शांति भंग न करने का निर्देश दिया गया था।
नेहा बोरा की हिरासत और संगठन का आरोप
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने जानकारी दी है कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा को आरके पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था। वहां वकीलों ने आधी रात के करीब उनसे मुलाकात की। संगठन का आरोप है कि नेहा को लगभग पांच घंटे तक दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उनकी रिहाई का समय नहीं बताया और उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें दवाइयां नहीं दी गईं। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस से नेहा बोरा को रिहा कर दिया है।











