दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का मकसद
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका जैसे नेताओं को हिरासत में लेने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया। ये तीनों नेता जिस फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे, उसके उतरते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
विमान के अंदर जगह कम होने और सीटों के बीच संकरी जगह के कारण यदि धक्का-मुक्की होती, तो स्थिति बिगड़ सकती थी। माना जा रहा है कि पुलिस ने बड़े टकराव से बचने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भेजने का निर्णय लिया। हालांकि, इस संदर्भ में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई बातचीत और हिरासत की प्रक्रिया
महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में नेताओं के बीच थोड़ी देर तक बहस हुई, लेकिन कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ। इसके बाद, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया।
इस कार्रवाई के पीछे जुलाई में हुई हिंसा का भी संदर्भ माना जा रहा है, जब पेपर लीक के विरोध में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। संगठन का आरोप था कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही युवतियों के साथ मारपीट की, जिसमें कई लड़कियों को चोटें आईं और उनके कपड़े फाड़े गए।
फ्लाइट में क्या हुआ और नेताओं का प्रदर्शन
जैसे ही पुलिसकर्मी विमान में दाखिल हुए, अभिजीत दिपके ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। सौरव दास बीच वाली सीट पर बैठे थे, जबकि आशुतोष रांका उनके बगल में थे। पुलिस को देखकर तीनों नेताओं ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों को नेताओं को घेरे हुए देखा जा सकता है। दिपके ने हिरासत में लेने के तरीके पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस उन्हें विमान से उतरने के बाद भी हिरासत में ले सकती थी। उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा कि वह गिरफ्तार होने के लिए ही दिल्ली आए हैं और पुलिस से आग्रह किया कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।
गौरतलब है कि संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसे दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। प्रदर्शन से पहले, यूट्यूबर ध्रुव राठी और संगठन की लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिया गया।
अब तक दिल्ली के विभिन्न इलाकों से 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं, और भारी संख्या में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल तैनात हैं।









