उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर तनाव और पुलिस कार्रवाई
उज्जैन शहर में शाही मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने, पथराव और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक कुल 35 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 20 आरोपियों को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मस्जिद के मार्ग चौड़ीकरण को लेकर हुआ था विवाद
यह मामला उज्जैन के कंठाल से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। सिंहस्थ 2028 और मास्टर प्लान के तहत शहर में विभिन्न स्थानों पर सड़कें चौड़ी करने का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में छत्री चौक क्षेत्र में पुरानी शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने का निर्णय लिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई को लेकर रविवार को मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं और मस्जिद कमेटी के बीच चर्चा हुई थी, जिसमें सहमति भी बन गई थी। नगर निगम की टीम ने मस्जिद के बाहर अपने संसाधन भी तैनात कर दिए थे।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट और हिंसा की घटनाएं
इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा भड़काऊ सामग्री प्रसारित किए जाने की खबरें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि इस सामग्री के कारण मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों में भ्रम फैल गया, जिससे सोमवार को मार्ग चौड़ीकरण के कार्य में बाधा आई। इसके बाद मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, अफवाहों से प्रभावित लोगों ने सुरक्षा बलों और पुलिस पर पथराव किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और जल्द ही हालात पर नियंत्रण पा लिया। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। अब समाज के लोगों की ओर से ही बाधित हिस्से को हटाने का कार्य किया जा रहा है।









