दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का महिलाओं के अधिकारों पर जोर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पुरुषों को यह समझना चाहिए कि महिलाओं के साथ व्यवहार करते समय क्या उचित है और क्या अनुचित। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “ना” का मतलब “ना” ही होता है, और इसे सम्मानित किया जाना चाहिए।
गुप्ता ने यह बात उस समय कही जब उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और उनके प्रति समाज में हो रहे भेदभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों और गलत व्यवहार को रोकने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
महिलाओं के लिए न्याय और सुरक्षा का मजबूत इंतजाम जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं के प्रति किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को मामलों में तेजी से सुनवाई करनी चाहिए और पीड़ित महिलाओं को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने न्याय व्यवस्था में सुधार और आवश्यक सुविधाओं की भी बात की।
गुप्ता ने समाज से अपील की कि वे महिलाओं से जुड़े मामलों में आवाज उठाने वालों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला अपने साथ हुए गलत व्यवहार के खिलाफ साहस दिखाती है, तो उसकी आवाज को मजबूत बनाना हम सभी का कर्तव्य है।
महिलाओं की स्वतंत्रता और छात्र जीवन में प्रेरणा
सीएम गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली में महिलाओं के लिए डर, दहशत और अत्याचार की कोई जगह नहीं है। महिलाओं को स्वतंत्रता से कहीं भी आने-जाने का अधिकार मिलना चाहिए, और यदि कोई ऐसा करने का साहस करता है, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी।
उन्होंने छात्रों को अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपने स्वयं का ख्याल रखें, अपने लक्ष्यों को पहचानें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें।











