राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के कदम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संबंधित राज्य सरकारों और प्रवर्तन एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 1 अक्टूबर 2026 से बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को ईंधन भरने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक, स्वच्छ परिवहन विकल्पों को प्रोत्साहित करने और ट्रैफिक जाम वाले इलाकों पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई।
सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष रणनीतियां
बैठक में दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न उपायों, तैयारियों, प्रवर्तन और अनुपालन की स्थिति का आकलन किया गया। खासतौर पर सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रदूषण स्रोतों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। 15 मई 2026 के निर्देशानुसार, बिना PUCC वाले वाहनों को ईंधन भरने पर रोक लागू की जाएगी। साथ ही, मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवाएं और ई-कॉमर्स कंपनियों को स्वच्छ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश भी समीक्षा में शामिल किए गए हैं।
पराली जलाने और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान
बैठक में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में तैयारियों की समीक्षा की गई। फसल विविधीकरण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से रोकने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही, वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बीएस-IV और उससे नीचे के ट्रांसपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने, पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और उन्हें स्क्रैप करने का निर्णय लिया गया है। NCR में डीजल ऑटो-रिक्शा को 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना भी चर्चा का हिस्सा रही।
इसके अलावा, ट्रैफिक जाम वाले मुख्य चौराहों और हॉटस्पॉट्स की पहचान कर, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और स्वचालित चालान प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। उद्योगों के उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के साथ ही, धूल प्रदूषण को कम करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती और अतिरिक्त मशीनों की खरीद पर भी चर्चा हुई। सोशल मीडिया और CPCB (Central Pollution Control Board) के माध्यम से मिली शिकायतों का त्वरित निपटारा करने का भी निर्देश दिया गया है।
सभी संबंधित एजेंसियों को सर्दियों के दौरान प्रदूषण, पराली जलाने, सड़क निर्माण और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, ताकि NCR में वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके।










