दिल्ली अदालत ने सोशल मीडिया विवाद में एफआईआर की मांग पर पुलिस से जवाब मांगा
दिल्ली की एक न्यायालय ने एक छात्र-कार्यकर्ता और उनके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। यह याचिका भाजपा से जुड़ी अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दायर की थी। आरोप है कि इन दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट की, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। अदालत ने इस मामले में पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
याचिका का मुख्य आधार और अदालत का निर्णय
अधिवक्ता अमिता सचदेवा का कहना है कि छात्र-कार्यकर्ता और उनके पिता ने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट डाली थीं, जिनमें हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं। उन्होंने पहले ही दिल्ली पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अदालत का रुख किया। बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें मुख्य महानगर दंडाधिकारी (सीजेएम) मृदुल गुप्ता की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करे। साथ ही, अदालत ने पूछा कि अब तक इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी पूरी जानकारी भी अदालत में प्रस्तुत की जाए।
अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस की रिपोर्ट देखने के बाद ही तय करेगी कि एफआईआर दर्ज करनी चाहिए या नहीं। इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में निर्धारित की गई है, यानी इस केस पर अगला अपडेट कई महीनों बाद ही मिलेगा। यह मामला धार्मिक भावनाओं और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर एक और कानूनी विवाद का उदाहरण बन गया है, जिसका फैसला आने वाले समय में महत्वपूर्ण माना जाएगा।










