कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना की नई सफलता
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक बार फिर से खुशखबरी मिली है। यहाँ की मादा चीता KGP12 ने 18 सितंबर 2026 को चार नन्हे शावकों को जन्म दिया है। इन नए शावकों के जन्म के साथ ही भारत में जीवित चीता की कुल संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। यह उपलब्धि देश में चीता संरक्षण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।
प्रोजेक्ट चीता की सफलता और संरक्षण प्रयास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को शुरू हुए प्रोजेक्ट चीता की यह सफलता दर्शाती है कि भारत में चीता पुनर्स्थापना का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के तहत नामीबिया से लाए गए आठ चीते, दक्षिण अफ्रीका से बारह और बोत्सवाना से नौ चीते भारत लाए गए थे। इन प्रयासों का परिणाम है कि अब भारत में जन्मी चीता पीढ़ी का विस्तार हो रहा है।
मध्यप्रदेश में इस परियोजना का मुख्य केंद्र कूनो नेशनल पार्क है, जहां पहले 49 चीते थे। अब चार नए शावकों के जन्म के बाद, कूनो में चीता संख्या 53 और पूरे राज्य में कुल 56 हो गई है। यह संकेत है कि कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीता प्रजनन और संरक्षण के लिए अनुकूल बन रहा है।
आगे की दिशा और संरक्षण का महत्व
यह सफलता न केवल भारत में चीता संरक्षण के प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह देश में जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि को चीता संरक्षण की यात्रा में एक आशा और सफलता का प्रतीक बताया है। वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञ और पशु चिकित्सक इस मिशन में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं, ताकि इन जंगली जानवरों का सुरक्षित और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सके।









