केजरीवाल ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लगभग पांच महीने बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों, जिनमें राघव चड्ढा भी शामिल हैं, के पार्टी छोड़ने के फैसले पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि अब पार्टी किसी भी सांसद को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करेगी। यह कदम पार्टी की आंतरिक समीक्षा और पारदर्शिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आम आदमी पार्टी में नई नीति और सांसदों की जांच का संकेत
केजरीवाल ने इस स्थिति को एक सीख बताते हुए कहा कि यह आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सबक था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी सांसद को राज्यसभा भेजने से पहले पार्टी उसकी योग्यता और ईमानदारी का बारिकी से मूल्यांकन करेगी। राघव चड्ढा, जो अप्रैल 2026 में बीजेपी (Bharatiya Janata Party) में शामिल हो गए थे, ने भी अपने इस कदम के पीछे पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों में बदलाव का आरोप लगाया था।
सांसदों का पार्टी छोड़ना और उसके बाद की स्थिति
राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने बीजेपी में शामिल होकर अपने पुराने दल से विदाई ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी में उनकी आवाज दबाई जाती रही और उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। इस दौरान, उन्होंने पार्टी छोड़ने के समय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पार्टी में उनका स्थान सुरक्षित नहीं था। उल्लेखनीय है कि इन सांसदों ने दल-बदल कानून का उल्लंघन न करते हुए पार्टी छोड़ी थी, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया था।









