प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल साहित्य की प्रसिद्ध कृति तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद उपहार में दिया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले दोनों नेताओं के बीच भारत मंडपम में मुलाकात हुई।
सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने का प्रयास
इस अवसर पर मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद सौंपते हुए इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हमारे सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक गहरा करने में सहायक होगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि संत तिरुवल्लुवर ने इस ग्रंथ में मानव जीवन की अनेक विशेषताओं का उल्लेख किया है, जिसे अब रूसी भाषा में भी अनुवादित किया गया है। उनका मानना है कि यह पुस्तक दोनों देशों के बीच जन संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगी।
तिरुक्कुरल का विश्वव्यापी महत्व और इसकी विरासत
तिरुक्कुरल तमिल साहित्य का एक अनमोल खजाना है, जिसे ‘तमिल वेद’ भी कहा जाता है। यह 2000 साल पहले कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित है, जिसमें 133 अध्याय और 1330 दोहे शामिल हैं। यह ग्रंथ जीवन, मृत्यु और नैतिकता के विषय में गहरी शिक्षाएँ प्रदान करता है।
यह पुस्तक विभिन्न भाषाओं में अनुवादित हो चुकी है और विश्वभर में इसकी प्रसिद्धि है। तमिल संस्कृति में इसकी विशेष पहचान है, और इसे स्कूलों में पढ़ाया जाता है। महात्मा गांधी और लियो टॉल्स्टॉय जैसे महान व्यक्तित्वों ने इसकी प्रशंसा की है। कन्याकुमारी में तिरुवल्लुवर की विशाल मूर्ति भी इसी सम्मान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषणों में भी तिरुक्कुरल का उल्लेख किया है, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है।









