आम आदमी पार्टी ने फिर से अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक चुना
आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर से अरविंद केजरीवाल को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। पार्टी की नेशनल काउंसिल की वर्चुअल बैठक में कुल 330 सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में नई 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें पंकज गुप्ता को नया राष्ट्रीय सचिव और एनडी गुप्ता को राष्ट्रीय ट्रेजरर नियुक्त किया गया। यह निर्णय पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
केजरीवाल का राजनीतिक सफर और पार्टी का पुनः नेतृत्व
पिछले कुछ वर्षों में आम आदमी पार्टी को कई चुनावी झटकों का सामना करना पड़ा है, बावजूद इसके केजरीवाल ने पार्टी का नेतृत्व बनाए रखा। राजनीति में आने से पहले, केजरीवाल सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पारदर्शिता, सूचना का अधिकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाए। अपने सामाजिक कार्यों के दौरान उन्होंने ‘परिवर्तन’ नामक संस्था भी स्थापित की, जो सरकारी योजनाओं, राशन व्यवस्था, इनकम टैक्स, बिजली और सामाजिक मुद्दों पर शिकायतें उठाती थी। 2006 में इनकम टैक्स विभाग से इस्तीफा देने के बाद, उन्हें रेमन मैग्सेसे पुरस्कार भी मिला। इसके बाद, उन्होंने 2012 में आम आदमी पार्टी की स्थापना की, जिसमें कई सामाजिक आंदोलन से जुड़े लोग भी शामिल हुए।
दिल्ली में पहली बार मुख्यमंत्री पद संभालना और फिर से पार्टी की कमान
2013 में, केजरीवाल ने पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और नई दिल्ली सीट से चुनाव जीतकर तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 22 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। उसी वर्ष, उन्होंने दिल्ली के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, उनकी सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकी, क्योंकि जन लोकपाल बिल पास न होने के कारण फरवरी 2014 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। फिर, 14 फरवरी 2015 को उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जब आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। अब एक बार फिर, पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर कमान उनके हाथों में है, और नई 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के साथ संगठन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार किया गया है।










