मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार से जवाबदेही तय करने की भी अपील की है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश में जहरीली शराब, पानी और दवाओं के कारण कई लोगों की जान गई है, लेकिन पिछले दो दशकों से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राज्य सरकार की लापरवाही और जवाबदेही का सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में कहा कि मध्य प्रदेश जैसे भ्रष्ट राज्य में शासन का नामोनिशान नहीं बचा है। जहरीली शराब ने सागर जिले में अनेक परिवारों को मातम में डुबो दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के हादसों के बाद केवल गिरफ्तारी, अधिकारी सस्पेंशन और जांच के आदेश दिए जाते हैं, जो अक्सर पहली बार नहीं होते। सवाल उठता है कि इन घटनाओं की रोकथाम क्यों नहीं हो पाती और जिम्मेदारों को आखिर कब तक जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मृतकों की संख्या बढ़ने और गिरफ्तारी की स्थिति
पुलिस ने मंगलवार को जानकारी दी कि सागर जिले में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 15 हो गई है, जिसमें दो और पीड़ितों की मौत इलाज के दौरान हो चुकी है। पुलिस ने कहा कि इस मामले में अब तक 30 में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। इससे पहले, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बांदा (सागर जिला) के कई परिवार जहरीली शराब के कारण बर्बाद हो गए हैं और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात भी की है।










