सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में तीन गिरफ्तारी
सत्य निकेतन की इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों में प्रॉपर्टी के मालिक हरिराम गुप्ता की पत्नी उर्मिला का नाम शामिल है, जबकि बिजली कनेक्शन भी हरिराम के नाम पर था। उनके बेटे महेश बिल्डिंग प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहा था। इन तीनों को भिवाड़ी (Bhiwadi) से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों ने दी घटना की वजह की जानकारी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि बिल्डिंग के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। निर्माण कार्य में मजदूर भी लगे हुए थे। उनके बयान से यह पुष्टि हुई है कि निर्माण कार्य के दौरान ही इमारत का गिरना हुआ। रेस्क्यू ऑपरेशन कल सुबह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया गया था, जो शाम 5 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है, जिनमें पांच छात्र शामिल हैं।
मृतकों और घायलों का विवरण
हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, छत्तीसगढ़ के दुर्ग के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के औरैया के 17 वर्षीय छात्र पवन, मध्य प्रदेश के देवास के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, कटनी के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। घायलों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितीश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।









