दिल्ली में वोटर लिस्ट का SIR ड्राफ्ट जारी, हजारों नामों में कटौती
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) ड्राफ्ट के प्रकाशन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भारत की आबादी को 140 करोड़ से घटाकर केवल 50 करोड़ कर देगा। यह बयान उस समय आया है जब कुछ ही घंटों पहले दिल्ली की वोटर लिस्ट का यह ड्राफ्ट जारी किया गया था, जिसमें 47 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।
वोटर लिस्ट में भारी कटौती, हजारों नाम गायब
दिल्ली में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या लगभग 1.45 करोड़ है, जिनमें से करीब 97.5 लाख वोटरों के नाम एन्यूमरेशन फॉर्म के आधार पर डिजिटाइज़ किए गए थे। इस प्रक्रिया के दौरान, घर-घर जाकर किए गए सर्वे में 30 जून से 17 अगस्त के बीच यह आंकड़ा जुटाया गया। इस दौरान, लगभग 67.22 प्रतिशत वोटरों के फॉर्म पूरे किए गए, जबकि शेष 47 लाख वोटरों को अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत, डुप्लिकेट या अन्य श्रेणियों में रखा गया है। इन नामों को ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिया गया है।
नाम हटाने की प्रक्रिया और मतदाताओं का विकल्प
जिन मतदाताओं के नाम इस लिस्ट से हटा दिए गए हैं, वे 30 सितंबर तक फॉर्म 6 और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ अपना दावा कर सकते हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा। नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता को नोटिस दिया जाएगा, जांच की जाएगी और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। यदि किसी मतदाता का नाम हटाने का निर्णय उनके खिलाफ आता है, तो वे 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष अपील कर सकते हैं। इसके बाद, 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष भी अपील का प्रावधान है।










