दिल्ली में अगस्त में रिकॉर्ड बारिश और गर्मी का संगम
इस वर्ष अगस्त माह में दिल्ली में हुई बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसमें सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अगस्त के पहले सप्ताह में ही यह महीना 15 वर्षों की सबसे अधिक बारिश का साक्षी बना, और 25 अगस्त को एक ही दिन में सबसे भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन भारी बारिश के बावजूद, दिन और रात दोनों समय तापमान में कोई खास गिरावट नहीं देखी गई, जिससे गर्मी का प्रकोप बना रहा। साथ ही, हवा की गुणवत्ता भी पिछले तीन वर्षों में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है, जिससे दिल्लीवासियों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
अगस्त में हुई बारिश का विश्लेषण और तापमान का रिकॉर्ड
सिर्फ अगस्त महीने की बात करें तो यह आंकड़ा और भी चौंकाने वाला है। सफदरजंग में इस महीने कुल 354.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह मात्रा 222.9 मिलीमीटर होती है, यानी लगभग 59 प्रतिशत अधिक। पालम में यह आंकड़ा 300.8 मिलीमीटर रहा, जो सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक है। रिज क्षेत्र में तो बारिश का स्तर लगभग दोगुना हो गया है, यहां 357.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 97 प्रतिशत अधिक है। वहीं आयानगर में 383.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 114 प्रतिशत अधिक है।
इतनी भारी बारिश के बावजूद गर्मी का प्रकोप कम नहीं हुआ। 29 अगस्त तक सफदरजंग में औसत अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दो वर्षों का सबसे उच्च स्तर है। इससे पहले 2023 में यह तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था। रात का तापमान भी ऊंचा रहा, जिसमें न्यूनतम तापमान का औसत 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2023 के बराबर है और अब तक का सबसे अधिक है।
हवा की गुणवत्ता और मौसम की वर्तमान स्थिति
हवा की गुणवत्ता की बात करें तो सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के 28 दिनों का औसत एक्यूआई 92 रहा, जो 2023 के बाद सबसे अधिक है। राहत की बात यह है कि इन दिनों में से 19 दिन हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में रही, जबकि नौ दिन मध्यम श्रेणी में दर्ज हुए। इस महीने का अधिकतम एक्यूआई 129 तक पहुंचा, जो 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। वर्तमान में मौसम में बदलाव की संभावना के बीच, 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश (UP) में फिर से मौसम बदलने का अनुमान है, जिसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।










