मध्य प्रदेश में 13 अगस्त का मौसम और संभावित बारिश की स्थिति
उत्तर बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बढ़ गई है। यह सिस्टम यदि और मजबूत होता है, तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शिवपुरी, श्योपुर जैसे जिलों में भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रणाली 13 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 14 अगस्त की सुबह तक सक्रिय रह सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और तेज बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम क्यों है महत्वपूर्ण?
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब मजबूत होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (Well Marked Low Pressure Area) में परिवर्तित हो चुका है। यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पूर्वी और मध्य भारत में नमी की मात्रा को बढ़ाएगी। यदि यह सिस्टम अवदाब में बदलता है, तो 14 से 16 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों में भारी बारिश की संभावना है। इस प्रणाली का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर गहरा असर डाल सकता है, जिससे बारिश का दौर लंबा खिंच सकता है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों का मौसम पूर्वानुमान
भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में 13 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में नदी-नालों से दूर रहने, बिजली चमकने पर खुले में न रुकने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 12 अगस्त को इन शहरों में मानसून का प्रभाव और अधिक मजबूत दिखा, जिसमें श्योपुर में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, बड़वानी, झाबुआ, धार, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, मंदसौर, रतलाम, नीमच, रायसेन, सीहोर, सिंगरौली, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, दमोह और सागर जैसे जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग का मानना है कि यह प्रणाली आने वाले दिनों के मौसम की दिशा तय कर सकती है, और यदि और मजबूत होती है, तो मध्य प्रदेश में बारिश का दौर और लंबा चल सकता है।











