उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी का पुलिस पर बयान
उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक और राज्यसभा सदस्य श्री बृजलाल ने आज एक प्रेस वार्ता में पुलिस की भूमिका का समर्थन किया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे पुलिसकर्मियों को दोषी न ठहराएं और उन्हें खलनायक न बनाएं। साथ ही, उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के पीछे देश-विरोधी शक्तियों की भी मौजूदगी का संकेत दिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का विवरण
पूर्व डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर न्यूनतम बल का प्रयोग किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले चेतावनी दी गई, फिर आवश्यकतानुसार वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही कील लगी लाठियों के प्रयोग की अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पैलेट गन जैसे गैर-घातक हथियारों का इस्तेमाल केवल इसलिए किया गया ताकि किसी की जान न जाए और नुकसान कम से कम हो।
शांतिपूर्ण छात्रों के प्रति सहानुभूति और कानून का पालन
बृजलाल ने प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण छात्रों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य यानी छात्रों और हिंसा फैलाने वाले अपराधियों के बीच स्पष्ट भेद करना जरूरी है। जो लोग कानून तोड़कर हिंसा में शामिल हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने आंदोलन के बाद की तस्वीरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना जमीनी अनुभव के पुलिस पर आरोप लगाना गलत है, क्योंकि इससे सुरक्षा में तैनात जवानों का मनोबल गिरता है। समाज को पुलिस की सेवा और त्याग का सम्मान करना चाहिए, न कि उन्हें खलनायक के रूप में दिखाना।










