दिल्ली दंगों में अंकित शर्मा की हत्या का फैसला
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अपना निर्णय सुनाया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के पार्षद रहे ताहिर हुसैन को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई है। शुक्रवार को इस फैसले के दौरान कोर्ट ने इस अपराध को अत्यंत क्रूर और अमानवीय करार दिया।
हत्या का कारण और कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि यह हत्या नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में फैली सांप्रदायिक हिंसा के दौरान नफरत के कारण हुई। इस जघन्य अपराध को जिस निर्दयता से अंजाम दिया गया, वह समाज को झकझोर देने वाला है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंकित शर्मा को केवल उनके धर्म के कारण निशाना बनाया गया।
हत्या का वीभत्स तरीका और न्यायिक निर्णय
अदालत ने अपने आदेश में बताया कि अंकित शर्मा को हिंसक भीड़ ने खून की प्यास से भरे होकर घेरा और नजदीक से बेरहमी से हमला किया। इतना ही नहीं, हत्या के बाद उनके शव को जानवरों की तरह बांधकर चांद बाग पुलिया तक घसीटा गया और फिर नाले में फेंक दिया गया। कोर्ट ने इस क्रूरता को अत्यंत घिनौना और मानवता के लिए शर्मसार करने वाला बताया।
फैसले में कहा गया कि इस अपराध की बर्बरता और क्रियान्वयन का तरीका इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में लाता है, लेकिन शुक्रवार को कोर्ट ने इसे इस श्रेणी का नहीं माना और दोषी ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई।










