दिल्ली पुलिस ने रायसीना रोड पर ट्रक विवाद का स्पष्ट किया पक्ष
नई दिल्ली के रायसीना रोड पर ईंटों और पत्थरों से भरे एक डंपर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्पन्न हुए विवाद पर दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि पुलिस ने इस ट्रक को साजिश के तहत वहां खड़ा किया है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
पुलिस का दावा: ट्रक का स्थान और घटना का सही विवरण
दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ट्रक नंबर HR63 E 6865 को जंतर-मंतर या किसी राजनीतिक दल के कार्यालय के बाहर जानबूझकर खड़ा करने का आरोप गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जानकारी पूरी तरह से भ्रामक है। पुलिस के अनुसार, यह ट्रक 16 जुलाई 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 65/2026 के तहत जब्त किया गया था। उसी दिन इस ट्रक और एक ईको वैन के बीच सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें छह लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद ही पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया था।
ट्रक की जब्ती और स्थानांतरण की प्रक्रिया
पुलिस ने बताया कि स्थान की कमी के कारण इस ट्रक को पहले संसद मार्ग थाने के पास सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। बाद में, चलो संसद आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, ट्रक मालिक को निर्देश दिया गया कि वह 20 जुलाई 2026 की सुबह ट्रक को खाली कर दे। इसके बाद ट्रक को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहे ट्रक को लेकर पुलिस ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही पूरी की गई है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान जारी है, और सभी को चाहिए कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।










