दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मियों का शांतिपूर्ण धरने का आह्वान
दिल्ली पुलिस के पूर्व कर्मचारियों ने 31 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण धरने की अनुमति मांगी है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य घायल पुलिसकर्मियों का समर्थन करना और हिंसा में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करना है। ज्ञात हो कि 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
महासंघ का मकसद और प्रदर्शन की दिशा
महासंघ का कहना है कि इस धरने का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पुलिस के घायल जवानों का हौसला बढ़ाना और उनके प्रति एकजुटता दिखाना है। पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और महासंघ के अध्यक्ष वेद भूषण ने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है और उनका मकसद छात्रों या आम जनता को निशाना बनाना नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र शांति से अपनी बात रख रहे हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। वहीं, जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हिंसा में भाग लिया, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पुलिस ने इस हिंसा में शामिल 2800 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की पहचान कर ली है।
प्रदर्शन की व्यवस्था और सुरक्षा का आश्वासन
महासंघ ने भरोसा दिलाया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। जंतर-मंतर के निर्धारित क्षेत्र में ही धरना आयोजित किया जाएगा और संसद मार्च का कोई आयोजन नहीं किया जाएगा। साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के सभी नियमों का पालन किया जाएगा और आम जनता व यातायात को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस का दावा है कि 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि 65 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटें आई थीं। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की 15 से अधिक गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया था।










