बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू
बिहार (Bihar) और असम (Assam) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सरकार ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद यह जानकारी दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास ने बताया कि सरकार ने इस आश्वासन के साथ प्रेस विज्ञप्ति जारी की है कि इन दोनों राज्यों में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी जल्द ही ऐसी ही अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। पार्टी ने कहा है कि यदि किसी भी राज्य से शिकायत मिलती है कि मामले अभी भी नहीं हटाए गए हैं, तो वह सीधे संपर्क कर समाधान कराएगी। आगामी मंगलवार को बाकी राज्यों की सूची भी सरकार को सौंप दी जाएगी।
प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सरकार का आश्वासन और कानूनी सहायता का प्रयास
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जिन राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, वहां भी जल्द ही ऐसी ही अधिसूचनाएं जारी कर दी जाएंगी। यदि इसके बाद भी किसी राज्य से शिकायत आती है कि केस अभी भी कायम हैं, तो पार्टी सीधे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करेगी। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि बाकी राज्यों की सूची मंगलवार सुबह तक सरकार को सौंप दी जाएगी। इस बीच, पार्टी के नेता सौरभ दास ने कहा कि वे आंदोलन शुरू होने के पहले दिन से ही प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने रत्ना, आशु, अभिजीत और वैष्णवी का भी जिक्र किया, जिन्होंने इस संघर्ष में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
लीगल हेल्प और प्रदर्शनकारियों का समर्थन जारी
रत्ना सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए पार्टी लगातार वकीलों से संपर्क में है। अलग-अलग स्थानों पर जिन वकीलों ने प्रदर्शनकारियों की मदद की है, उनसे पार्टी का संपर्क बना हुआ है। अभी कोई औपचारिक लीगल टीम गठित नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही इसकी स्थापना की जाएगी। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वकीलों की मेहनत व्यर्थ न जाए, इसके लिए उन्हें लिखित आश्वासन भी मिल चुका है। इस पूरी प्रक्रिया में सरकार और पार्टी दोनों ही प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कदम उठा रहे हैं, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।











