युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है
देश के युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं, यह बात धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के दौरान स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि युवाओं का सपना और उम्मीदें ही देश के विकास का आधार हैं। अपने पद से इस्तीफा देने के पीछे उन्होंने युवाओं के प्रति सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प व्यक्त किया। धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी बताया कि कैसे युवा ही नए भारत का निर्माण कर सकते हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा का संचालन
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि भारत सरकार ने परीक्षा में हुई गड़बड़ी को गंभीरता से लिया और तुरंत ही जांच के आदेश दिए। परीक्षा को रद्द कर पुनः तिथि घोषित की गई और अब इसे कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया जाएगा। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य 20 लाख से अधिक छात्रों को बिना किसी बाधा के परीक्षा में भाग लेने का अवसर देना था। इस दौरान राज्य और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। 21 जून 2026 को परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
देश की एकता और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह हमेशा लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और युवाओं के सपनों का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि युवा ही भारत का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं, जो देश को विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जो भी स्थिति बनी है, वह राष्ट्र विरोधी ताकतों को लाभ नहीं पहुंचाने दी जाएगी। उनका उद्देश्य है कि देश की एकता बनी रहे और छात्र-छात्राएं अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इसीलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपा है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्रसेवा ही उनका जीवन लक्ष्य है। वह भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए समर्पित रहेंगे।











