दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल का अनोखा कदम
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह का कदम चर्चा का विषय बन गया है। मंच से अपने भाषण के दौरान उन्होंने सरकार और व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए। इसके बाद उन्होंने अपने कंधे पर लगे उत्तराखंड पुलिस के बैज को उतारकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके को सौंप दिया। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों के बीच खूब चर्चा बटोरी।
शेर सिंह का दावा और उनके समर्थन में नारे
प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़ दी है और अब वह अपने अधिकारों के लिए आंदोलन में भाग ले रहे हैं। अपने भाषण में उन्होंने शहीद भगत सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “जीवन अपने दम पर जीना चाहिए। क्रांति विचारों से आती है। यदि अपने हक के लिए लड़ना बगावत है, तो हम बागी हैं।” उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने उनका समर्थन किया और नारे लगाए।
उत्तराखंड की भर्ती व्यवस्था और विवाद
शेर सिंह ने जंतर-मंतर से अपने भाषण में उत्तराखंड की भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पटवारी का पेपर परचून की दुकान पर मिलता है, जो व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस की ओर से दी गई जानकारी इस बात का खंडन करती है कि शेर सिंह अभी भी विभागीय रूप से सक्रिय हैं। पुलिस के अनुसार, वह वर्तमान में पिथौरागढ़ जिले में तैनात हैं और उनके खिलाफ एक आरोपी से पैसे लेने का आरोप है, जिसके कारण विभागीय जांच चल रही है।









