रायसेन में निर्माण कार्य की गंभीर लापरवाही का खुलासा
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हो रहे सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में घटिया मानकों का प्रयोग किया गया है, जिससे एक और शर्मनाक घटना सामने आई है। स्टेट हाईवे 19 बरेली-पिपरिया मार्ग पर स्थित नयागांव के नए पुल की एप्रोच रोड पहली ही भारी बारिश में धंस गई है।
निर्माण की खराब गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
यह मामला निर्माण में हुई भर्राशाही और लापरवाही का प्रतीक बन गया है। नए पुल से यातायात बाधित होने के बाद नीचे बने डायवर्जन मार्ग को भी नाले के उफान ने पूरी तरह डूबा दिया है। इसके बावजूद मौके पर न तो कोई सुरक्षा इंतजाम दिख रहे हैं और न ही प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कोई कदम उठाया है।
पुल का निर्माण और उससे जुड़ी घटनाएं
यह पुल 1 दिसंबर 2025 को मरम्मत के दौरान 50 साल पुराने जर्जर पुल के अचानक ढह जाने के बाद बनाया गया था, जिसमें एक जवान की मौत हो गई थी। मीडिया में इस हादसे को प्रमुखता से उठाने के बाद ही MPRDC ने तुरंत ही नए पुल का निर्माण कराया। लेकिन पहली ही भारी बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मजबूती और दावों की पोल खोल दी है।
उफनते नाले के बीच से वाहन निकालने को मजबूर लोग अब पुल धंसने और एप्रोच रोड कट जाने के कारण आवाजाही बंद होने से परेशान हैं। नीचे बना कच्चा डायवर्जन मार्ग पानी में डूब चुका है, फिर भी यात्री, बसें और बाइक सवार जान हथेली पर रखकर तेज बहाव के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि MPRDC के सभी कार्य बेहद खराब स्तर के हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और यातायात को सुरक्षित नहीं किया गया, तो फिर से 1 दिसंबर 2025 जैसी बड़ी त्रासदी हो सकती है।










