बिहार में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज, नीट पेपर लीक और लाठीचार्ज के खिलाफ आवाज उठी
बिहार के विभिन्न जिलों में छात्रों ने नीट परीक्षा पेपर लीक और जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया है। बेगूसराय में छात्रों ने प्रदर्शन कर जुलूस निकाला और डीएम कार्यालय का घेराव किया, वहीं कटिहार में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इन प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
छात्र संगठनों का सरकार के खिलाफ आक्रोश और प्रदर्शन की व्यापकता
बेगूसराय में छात्रों ने जीडी कॉलेज से जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय पहुंचा, जहां यह विशाल प्रदर्शन में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हाथों में झंडे लेकर अपनी आवाज उठाई। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में दंगा निरोधी पुलिस बल तैनात रहा। छात्र नेताओं का कहना है कि नीट पेपर लीक के कारण छात्रों का भविष्य संकट में है, और अब तक 20 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप और सरकार से कार्रवाई की मांग
छात्रों ने संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन पेपर लीक करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बिना देरी किए इस्तीफा देने और दोषियों पर कठोर कदम उठाने की मांग की है। हिंसक प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कटिहार में भी छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस के साथ हिंसक झड़पें
बिहार के कटिहार जिले में भी छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया है। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब छात्रों ने ईंट-पत्थर चलाए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
विपक्ष का हंगामा और प्रदर्शनकारियों पर आरोप
बिहार के कई जिलों में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्षी दलों ने विधानसभा में जोरदार हंगामा किया। खबर है कि कुछ छात्रों ने सत्तापक्ष के एक विधायक की गाड़ी पर भी हमला किया, जिसे विधायक ने विधानसभा में विरोध किया और प्रदर्शनकारियों को गुंडा करार दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गरमाया है।
प्रदर्शन की बढ़ती तीव्रता और पुलिस की तैनाती
प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप लेने की आशंका को देखते हुए, प्रशासन ने सैकड़ों दंगा निरोधी पुलिस बल को डीएम कार्यालय पर तैनात किया है। प्रदर्शन की यह तीव्रता और हिंसक झड़पें बिहार के अन्य जिलों में भी देखने को मिली हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।









