दिल्ली में फिर से शुरू हुए प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन की लहर देखने को मिल रही है। सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक जंतर-मंतर पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के समर्थन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मुख्य मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, आज भी संसद मार्च निकालने का कार्यक्रम तय है।
प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सोमवार जैसी हिंसा से बचा जा सके। प्रदर्शनकारियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए, पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।
प्रदर्शनकारियों का समर्थन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पिछले सोमवार को पुलिस की कार्रवाई के बावजूद, CJP समर्थक फिर से जंतर-मंतर पर जमा हो गए हैं। पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने कहा है कि जब तक उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और भी सख्त कर दिया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वहीं, दूसरी ओर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में पंजाब समेत कई राज्यों के हजारों किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान संगठन ‘देश बचाओ मोर्चा’ के आह्वान पर अमृतसर और गुरदासपुर से किसानों का बड़ा काफिला शंभू बॉर्डर की तरफ बढ़ रहा है। इन किसानों की मुख्य मांग है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को तुरंत रद्द किया जाए, क्योंकि उनका तर्क है कि इससे भारतीय कृषि, डेयरी और ग्रामीण जीवन को भारी नुकसान पहुंचेगा।
किसानों का दिल्ली कूच और सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
किसानों के दिल्ली पहुंचने की योजना के मद्देनजर, पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां धारा 163 (BNS) लागू कर दी गई है और सड़क के दोनों ओर भारी बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है। हरियाणा पुलिस ने किसानों को खनौरी के पास भी रोक लिया है। इसके अलावा, जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर भी किसानों का रास्ता रोकने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं।
इन दोनों आंदोलनों के बीच, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को प्रभावित मार्गों से बचने और समय से पहले निकलने की सलाह दी है।









