जंतर-मंतर पर छात्रों का अनशन समाप्त, आंदोलन की नई रणनीति तय
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक आमरण अनशन पर रहने वाले आइसा (AIASA) के तीन छात्रों ने अपने भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया है। इन छात्रों का उद्देश्य नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर युवाओं की आवाज को मजबूत करना था। नेहा, मनीष और आमीन ने अपने आंदोलन के अगले चरण की योजना बनाने के लिए अपने अनशन को विराम दिया है, और उन्होंने दिग्गज हस्तियों की अपील के बाद यह कदम उठाया है।
सांसद और मशहूर हस्तियों ने छात्रों का समर्थन किया
इस दौरान सांसद डॉ. मनोज झा ने इन छात्रों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा, “आपने जो उपलब्धि हासिल की है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आंदोलन ने सरकार को हर मोर्चे पर बेनकाब कर दिया है।” वहीं, अभिनेत्री शबाना आजमी भी इस मौके पर भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “एक पीढ़ी के रूप में हम अपनी ‘जेन-जी’ के लिए अच्छा करने में पूरी तरह असफल रहे हैं, लेकिन आप लोगों ने हमें सही दिशा दिखाई है।”
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर, निगरानी जरूरी
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन से जुड़ी और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। अस्पताल प्रशासन ने 20 जुलाई 2026 को जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया कि वांगचुक का स्वास्थ्य स्थिर है, लेकिन उनके खून की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनके वाइटल पैरामीटर जैसे ब्लड प्रेशर और पल्स रेट अभी सामान्य हैं, लेकिन लंबे उपवास के कारण उनकी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
अस्पताल और एम्स (AIIMS) नई दिल्ली के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वांगचुक के शरीर में किसी भी तरह की जटिलता का पता लगाने और उचित उपचार के लिए निरंतर क्लिनिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है। इस टीम के सदस्य चौबीसों घंटे उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।









