दिल्ली दंगों में शरजील इमाम की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे। आगामी सुनवाई 27 अगस्त को निर्धारित की गई है। यह मामला 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है, जिसमें शरजील इमाम पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है।
2020 में हुई गिरफ्तारी और आरोप
शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के कथित मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस समय नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में हुई हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी, और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट और ट्रायल कोर्ट का निर्णय
इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, यह कहते हुए कि सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के आदेश के बाद उनके पास इस पर सुनवाई का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह याचिका विचार के योग्य नहीं है। हाई कोर्ट में दायर अपील में शरजील इमाम ने आरोप लगाया कि ट्रायल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर स्वतंत्र रूप से विचार नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि छह साल बीत जाने के बाद भी मामला अभी आरोप तय करने के चरण में है।










