जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का 20वां दिन है। इस दौरान उनसे मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर उनके लिए चिंता व्यक्त की थी।
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर कांग्रेस का चिंता जताना
पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि हम सभी सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं। सरकार की नीतियों में संवेदनशीलता की कमी है और वह लोकतांत्रिक विरोध की भाषा को नहीं समझती। उन्होंने कहा कि विरोध का तरीका बदलते रहना चाहिए, ताकि उनकी और उनके साथ बैठे छात्रों की सेहत सुरक्षित रह सके। जान जोखिम में डालकर आप इस सरकार से कोई भी लाभ नहीं प्राप्त कर सकते।
भूख हड़ताल की गंभीर स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां
28 जून से शुरू हुई सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का शरीर अब कमजोर हो चुका है। उनके शरीर का वजन 9 किलो से अधिक घटकर 56.9 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से भूख हड़ताल के कारण शरीर अब ग्लूकोज और फैट के साथ-साथ मांसपेशियों को भी खा रहा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है, जो संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गल रही हैं। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उनके अंग फेल हो सकते हैं। बावजूद इसके, सोनम वांगचुक हार मानने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस आंदोलन को जल्द समाप्त नहीं करेंगे।









