बिहार के किशनगंज में तांत्रिक की हत्या का खुलासा
बिहार के किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड निवासी एक तांत्रिक की हत्या का मामला पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बागडोगरा (Bagdogra) में सामने आया है। इस सनसनीखेज घटना में पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर ही जाँच पूरी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि हत्या की योजना अवैध संबंधों के कारण बनाई गई थी। आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए शव से सिर अलग कर दिया था।
हत्या का मामला और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मृतक की पहचान बिहार के किशनगंज जिले के पोठिया थाना क्षेत्र के उदगाड़ा निवासी इमाम खुआ (Imam Khua) के रूप में हुई है, जो पेशे से तांत्रिक था। उसकी ससुराल पश्चिम बंगाल (West Bengal) के सिलीगुड़ी (Siliguri) में थी। घटना तब प्रकाश में आई जब पिछले मंगलवार को सिलीगुड़ी के बागडोगरा (Bagdogra) में मजदूर चाय बागान के सेक्शन-9 में काम कर रहे थे। उन्हें खून से लथपथ शव मिला, जिसमें सिर कटा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हत्या का कारण और गिरफ्तारियों का सिलसिला
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मृतक की पत्नी मोमिना बेगम (Momina Begum) और उसके प्रेमी सुदीप पाल (Sudeep Pal) के बीच पिछले सात वर्षों से अवैध संबंध थे। जब इमाम खुआ उनके संबंधों में बाधा बन रहा था, तो दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। सुदीप पाल ने अपने दो भतीजों निताई पाल (Nitai Pal) और बापी पाल (Bapi Pal) तथा एक दोस्त कौशिक नाथ (Koushik Nath) को भी इस साजिश में शामिल किया।
पुलिस को जानकारी मिली कि सुदीप पाल ने इमाम खुआ को फोन कर बागडोगरा बुलाया और उसी रात धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव से सिर अलग कर दिया गया और उसे फेंक दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने फांसीदेवा क्षेत्र के मुंशीबारी गांव के एक सुनसान इलाके से मृतक का सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया।
पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर सिलीगुड़ी (Siliguri) की अदालत में पेश किया है। इस घटना ने दोनों इलाकों में भारी सनसनी फैला दी है। महज दो दिनों में ही पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश कर आरोपियों को पकड़ लिया और हथियार तथा मृतक का सिर भी बरामद कर लिया।










