दतिया उपचुनाव से पहले बीजेपी में सियासी हलचल तेज
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पार्टी को अपनी छवि संभालने के लिए प्रयास करने पड़े हैं। इस चुनावी मुकाबले में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है। खबरें हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस दौरान नामांकन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इस बीच कांग्रेस ने बीजेपी के अंदरूनी मतभेदों का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
मुख्यमंत्री का नामांकन में शामिल होने का संकेत
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को आशुतोष तिवारी के नामांकन समारोह में भाग ले सकते हैं। यह कदम पार्टी के एकजुटता का संदेश देने के लिए माना जा रहा है। दतिया में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के मतभेद भुलाकर चुनाव में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
टिकट घोषित होने के बाद समर्थकों का प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद
बता दें कि टिकट की घोषणा के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लगभग 12 घंटे तक जाम लगाया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी के अंदरूनी कलह का परिणाम बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा को राजनीतिक रूप से किनारे कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब क्षेत्रीय नेताओं की बजाय नए चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।










