दिल्ली में वायु गुणवत्ता का गंभीर स्तर
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इस समय ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है, जो शहर के पर्यावरण की स्थिति को दर्शाता है। रविवार को एक्यूआई 261 तक पहुंच गया, जो पिछले 85 दिनों में सबसे अधिक है। यह रीडिंग 17 अप्रैल के बाद सबसे ऊंची है, जब AQI 263 था।
पिछले शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 140 रहा, जबकि इस महीने के अधिकांश दिनों में हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ और ‘संतोषजनक’ श्रेणियों में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, AQI 201 से 300 के बीच को ‘खराब’ माना जाता है, जो इस समय दिल्ली में लागू हो रहा है।
प्रदूषण का मुख्य कारण और मौसम की स्थिति
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण सीमा-पार हवाओं का चलना है। ये हवाएं अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान में तूफान की गतिविधियों से खनिज धूल लेकर आई हैं, जो उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रही हैं। इससे PM10 का स्तर तेजी से बढ़ गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी जानकारी दी है कि शाम 5.30 बजे महसूस होने वाला तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक है। पालम, लोधी रोड, रिज और आयानगर जैसे इलाकों में तापमान क्रमशः 36.6, 37, 36 और 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना
CAQM ने बताया कि तेज हवाओं के कारण सीमा-पार से आने वाली धूल का दौर कम होने के बाद दिल्ली में AQI में सुधार की उम्मीद है। इसीलिए, GRAP स्टेज-I की पाबंदियों को फिलहाल लागू नहीं किया गया है। साथ ही, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को जमीनी स्तर पर धूल नियंत्रण के उपाय तेज करने का निर्देश दिया गया है।
मौसम विभाग ने भी अनुमान लगाया है कि सोमवार को दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी, और अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमशः 37 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।









