बिहार में परिवहन ढांचे का आधुनिकीकरण का बड़ा कदम
बिहार सरकार के परिवहन मंत्री और समस्तीपुर के प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने राज्य के यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में हर जिले के बस स्टैंड को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके। इस योजना के तहत सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
आधुनिक बस टर्मिनल और ट्रांजिट हब का निर्माण
दामोदर रावत ने कहा कि बिहार सड़क परिवहन निगम की उन जगहों पर उपलब्ध जमीन का उपयोग कर नए और आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। इन बस स्टैंडों पर यात्रियों के आराम के लिए आरामदायक प्रतीक्षालय, बेहतर बैठने की व्यवस्था, अत्याधुनिक सुविधाएं और आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य बस स्टैंड को सिर्फ यातायात का केंद्र नहीं, बल्कि एक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करना है, जहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सकें।
31 बस स्टैंडों का विकास और पर्यावरणीय पहल
परिवहन मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार ने 31 बस स्टैंडों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि निजी क्षेत्र की भागीदारी से इन बस स्टैंडों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा सके। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को साफ-सुथरे परिसर, आधुनिक वेटिंग हॉल, बेहतर खानपान व्यवस्था और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा।











