लाल किले के पास विस्फोटक धमाका: एनआईए की फॉरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट पिछले वर्ष हुए भयंकर कार बम विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत में अपनी फॉरेंसिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस खतरनाक धमाके में कुल 11 लोगों की जान चली गई थी। अब अदालत इस रिपोर्ट की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।
संबंधित आरोपों और चार्जशीट का विवरण
14 मई को एनआईए ने इस मामले में करीब 7500 पेज की विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि यह घटना एक सुनियोजित आतंकवादी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें कई संदिग्धों की भूमिका उजागर हुई है। पिछले महीने ही जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अतिरिक्त सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की, जिसमें तीन और आरोपियों को नामित किया गया है। इनमें से एक फरार बाल रोग विशेषज्ञ को आतंकी नेटवर्क का संस्थापक सदस्य माना गया है।
आरोपियों की भूमिका और जांच का वर्तमान स्वरूप
जांच एजेंसी का दावा है कि इन आरोपियों ने विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब तक कुल 13 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल हैं। वह विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था, और इस घटना में उसकी भी मौत हो गई। एनआईए इस मामले को देश की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा मानते हुए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।










