हरियाणा के अंबाला में बोरवेल हादसे की जांच जारी
अंबाला जिले में एक दुखद घटना में चार वर्षीय निरवैर सिंह की मौत हो गई, जब वह 220 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। इस हादसे के बाद पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर लापरवाही का आरोप है। पुलिस का दावा है कि इस दुर्घटना का कारण लापरवाही ही थी, हालांकि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद जमानत मिल गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और परिवार की शिकायत
बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए जिला पुलिस, एनडीआरएफ (National Disaster Response Force), एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) और सेना की टीमों ने मिलकर करीब 21 घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। बावजूद इसके, बच्चे को जीवित नहीं बचाया जा सका और उसे मृत अवस्था में बाहर निकाला गया।
घटना के बाद बच्चे के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि खेत में मौजूद खुला बोरवेल ही इस हादसे का मुख्य कारण है और यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। जांच के दौरान पता चला कि खेत और बोरवेल से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई है।
मामले की कानूनी प्रक्रिया और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि खुले बोरवेल को सुरक्षित नहीं किया गया था, जिससे यह हादसा हुआ। अंबाला सदर थाना पुलिस ने इस मामले में हरनेक सिंह, दिलप्रीत सिंह और बलजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि हरनेक सिंह और उसके भाई खेत के संयुक्त मालिक हैं।
जांच में यह भी पता चला कि खेत को दिलप्रीत सिंह और बलजीत सिंह को पट्टे पर दिया गया था। पुलिस का मानना है कि बोरवेल की सुरक्षा में हुई लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई। रविवार को इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
30 जून को यह हादसा हुआ था, जब निरवैर सिंह अपने पिता मनजीत सिंह के साथ खेत पर गया था। पिता अपने दादा के लिए नाश्ता लेकर खेत पहुंचे थे, तभी खेलते-खेलते बच्चा करीब 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और आगे की जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।











