जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान विवाद और पुलिस कार्रवाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का 13वां दिन है, जिसमें भारी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं। इस दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस पर छात्रों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। दीपके का दावा है कि जब छात्रों ने लाइब्रेरी बनाने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा।
यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है, जहां दीपके ने अपने ट्वीट में कहा कि पुलिस ने छात्रों को जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और उनके साथ अभद्रता की। इस प्रदर्शन का मकसद सरकार से शिक्षा और छात्र हितों से जुड़ी मांगें उठाना है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन की गंभीरता
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रखी है, जो पांचवें दिन है। उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है, और मेडिकल रिपोर्ट में पता चला है कि उनके ब्लड शुगर का स्तर घटकर 60 पर पहुंच गया है, साथ ही उनका रक्तचाप भी बहुत कम हो गया है।
इस बीच, अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति का अपडेट देते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सोनम को कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की होगी। साथ ही, उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया है।
आंदोलन में शामिल छात्रों की स्थिति और समर्थन
जंतर-मंतर पर सिर्फ सोनम वांगचुक ही नहीं, बल्कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इन छात्रों की सेहत भी तेजी से बिगड़ रही है। विशेष रूप से, जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव दानिश का ब्लड शुगर स्तर घटकर 61 mg/dL हो गया है, जिसे डॉक्टरों ने तुरंत अनशन समाप्त करने की सलाह दी है।
इस आंदोलन को देश के कई प्रमुख राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ नेता जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े हैं। इससे पहले भी कई दिग्गज नेता जैसे एम ए बेबी, वृंदा करात, डी राजा, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, एनी राजा, अंजलि भारद्वाज और सागरिका घोष यहां आ चुके हैं।










