सागरपुर में झंडे को लेकर विवाद की जांच जारी
दिल्ली के सागरपुर क्षेत्र में एक झंडे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की जांच का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर दावा किया गया कि मोहर्रम के जुलूस में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, इलाके में तनाव फैल गया और चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि झंडा धार्मिक प्रतीक था
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और उपलब्ध फुटेज की जांच में कोई भी पाकिस्तान का झंडा नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि जिस झंडे को लेकर विवाद हुआ, वह धार्मिक ध्वज था, न कि पाकिस्तान का झंडा। इसी कारण से पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को सही नहीं माना है।
शिकायतकर्ता का दावा और पुलिस की जांच
विपिन राजपूत नामक शिकायतकर्ता का कहना है कि मोहर्रम के दिन पाकिस्तान के झंडे जैसे दिखने वाले झंडे लहराए गए थे, जिसके बारे में उन्होंने पुलिस को शिकायत भी दी है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में शिकायत और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मंगलवार शाम को कुछ स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग पार्क में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने आसपास की इमारतों से पथराव किया और घायल भी हुए। विपिन राजपूत का आरोप है कि महिलाओं को आगे कर पत्थर फेंके गए।
पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दिन लहराया गया झंडा पाकिस्तान का नहीं था, बल्कि धार्मिक प्रतीक था। वीडियो की जांच में भी कोई पाकिस्तानी झंडा नहीं पाया गया है।










