सुप्रीम कोर्ट में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की जांच का मामला
बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का फैसला किया है। मंगलवार को जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ इस महत्वपूर्ण मामले पर सुनवाई करेगी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने याचिका दाखिल कर कहा है कि इस एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए।
मामले की स्वतंत्र जांच और पुलिस कार्रवाई की मांग
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में किया जाए। इसके साथ ही, एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की गई है। विशाल तिवारी का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी की मौत केवल एक एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या का मामला है। उनका तर्क है कि इस मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि असली अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
जांच प्रक्रिया और घटनास्थल की फोरेंसिक जांच
इस बीच, भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। शाहपुर के निलंबित SHO राजेश मालाकार और जवान अक्षय कुमार की सर्विस पिस्टल सहित हथियारों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। कोर्ट की अनुमति के बाद घटनास्थल से मिले तीन पिस्टल और खोखे पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे गए हैं। इन जांचों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि गोली किस पिस्टल से चली थी और घटनास्थल से बरामद हथियारों का संबंध क्या है।











